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संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ, 2 से 10 फरवरी तक बहेगी भक्ति की रसधारा

रायगढ़ (छत्तीसगढ़)।
धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक सशक्त करने के उद्देश्य से रायगढ़ जिले में संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 2 फरवरी 2026 से 10 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से आयोजित होगा। आयोजन स्थल अंबेडकर आवास महिला समिति परिसर, रायगढ़ (छ.ग.) निर्धारित किया गया है।


ज्ञान, भक्ति और संगीत का संगम

श्रीमद् भागवत महापुराण को सनातन धर्म का एक अत्यंत पवित्र और सारगर्भित ग्रंथ माना जाता है। इस ग्रंथ में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति मार्ग, कर्म और मोक्ष के गूढ़ रहस्यों का वर्णन किया गया है। रायगढ़ में आयोजित यह संगीतमय कथा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का माध्यम भी बनेगी।

कथा को संगीतमय रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे श्रोता भजनों, कीर्तन और कथावाचन के माध्यम से सहज रूप से भावविभोर हो सकेंगे।


कथा कार्यक्रम का विस्तृत विवरण

कथा के प्रत्येक दिन अलग-अलग प्रसंगों पर प्रकाश डाला जाएगा—

  • 02 फरवरी 2026 (सोमवार) – कलश यात्रा एवं कथा का शुभारंभ
  • 03 फरवरी 2026 (मंगलवार) – देवी पूजन एवं कथा प्रवेश
  • 04 फरवरी 2026 (बुधवार) – सृष्टि कथा, अवतार प्रसंग
  • 05 फरवरी 2026 (गुरुवार) – सती चरित्र, ध्रुव चरित्र, प्रह्लाद चरित्र
  • 06 फरवरी 2026 (शुक्रवार) – गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
  • 07 फरवरी 2026 (शनिवार) – गोवर्धन लीला, रासलीला, गोपी उद्धार
  • 08 फरवरी 2026 (रविवार) – रुक्मिणी विवाह, शिशुपाल वध
  • 09 फरवरी 2026 (सोमवार) – भगवान के अन्य विवाह, सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष
  • 10 फरवरी 2026 (मंगलवार) – हवन, पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारा

हर दिन की कथा में भक्तों को आध्यात्मिक ज्ञान के साथ-साथ जीवन को सही दिशा देने वाले प्रेरणादायक संदेश प्राप्त होंगे।


आयोजक और सहयोग

इस धार्मिक आयोजन का आयोजन अंबेडकर आवास महिला समिति, जिला रायगढ़ (छ.ग.) द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने के लिए स्थानीय श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला समिति के सदस्यों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है।


श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील

आयोजकों ने जिले व आसपास के क्षेत्रों के समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस पावन कथा में शामिल होकर भागवत श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त करें। साथ ही आयोजन के दौरान शांति, अनुशासन और स्वच्छता बनाए रखने का भी अनुरोध किया गया है।

कथा स्थल पर बैठने, ध्वनि व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


आध्यात्मिक वातावरण से होगा समाज का उत्थान

ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। भागवत कथा के माध्यम से जीवन में भक्ति, करुणा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। रायगढ़ में होने वाला यह आयोजन निश्चित रूप से क्षेत्र के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनेगा।

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